भारत का इतिहास एवं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन - UPSC CSE Level MCQ

भारत का इतिहास एवं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन पर UPSC CSE level MCQ, उत्तर और व्याख्या सहित पढ़ें। प्राचीन, मध्यकालीन व आधुनिक भारत हेतु उपयोगी।

भारत का इतिहास एवं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन - UPSC CSE Level MCQ

प्राचीन, मध्यकालीन, आधुनिक भारत और राष्ट्रीय आंदोलन पर 52 संभावित प्रश्न

Q1. हड़प्पा सभ्यता की नगर योजना की सबसे प्रमुख विशेषता क्या थी?
A. विशाल मंदिर
B. ग्रिड पद्धति और जल निकासी
C. लोहे के औजार
D. घोड़े पर आधारित सेना
उत्तर: B. ग्रिड पद्धति और जल निकासी
हड़प्पा नगरों में सड़कें प्रायः एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं। मोहनजोदड़ो और हड़प्पा जैसे नगरों में विकसित नालियाँ और पक्की ईंटों का प्रयोग मिलता है। यह शहरी नियोजन और नागरिक सुविधा के उन्नत स्तर को दिखाता है।
Q2. ऋग्वैदिक समाज के बारे में कौन सा कथन अधिक उपयुक्त है?
A. यह पूर्णतः नगरीय था
B. इसमें पशुपालन का विशेष महत्व था
C. इसमें लोहे का व्यापक उपयोग था
D. इसमें समुद्री व्यापार मुख्य आधार था
उत्तर: B. इसमें पशुपालन का विशेष महत्व था
ऋग्वैदिक समाज मुख्यतः ग्रामीण और पशुपालक प्रकृति का था। गाय को संपत्ति का प्रमुख प्रतीक माना जाता था। कृषि का ज्ञान था, परंतु अर्थव्यवस्था में पशुधन का महत्व अधिक दिखाई देता है।
Q3. उत्तर वैदिक काल में राजनीतिक संगठन की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन क्या था?
A. जन से जनपद की ओर विकास
B. नगरों का पूर्ण अभाव
C. जनजातीय संगठन का अंत
D. समुद्री साम्राज्य का उदय
उत्तर: A. जन से जनपद की ओर विकास
उत्तर वैदिक काल में आर्यों का विस्तार गंगा-यमुना क्षेत्र तक हुआ। इस काल में स्थायी कृषि, लोहे के उपयोग और भूमि नियंत्रण ने राजनीतिक संरचना को मजबूत किया। इसी प्रक्रिया से जनपदों और आगे महाजनपदों का विकास हुआ।
Q4. 16 महाजनपदों के उदय का प्रमुख कारण क्या था?
A. केवल धार्मिक आंदोलन
B. कृषि अधिशेष, लोहे का उपयोग और नगरीकरण
C. समुद्री विजय
D. यूरोपीय व्यापार
उत्तर: B. कृषि अधिशेष, लोहे का उपयोग और नगरीकरण
छठी शताब्दी ई.पू. में लोहे के उपकरणों से कृषि विस्तार हुआ। कृषि अधिशेष से व्यापार, कर व्यवस्था और नगरों का विकास हुआ। इन आर्थिक परिवर्तनों ने बड़े राजनीतिक राज्यों यानी महाजनपदों के उदय को संभव बनाया।
Q5. बौद्ध धर्म में मध्यम मार्ग का क्या अर्थ है?
A. अत्यधिक तप और अत्यधिक भोग दोनों से बचना
B. केवल यज्ञ करना
C. जाति व्यवस्था को बढ़ाना
D. राजनीतिक विजय प्राप्त करना
उत्तर: A. अत्यधिक तप और अत्यधिक भोग दोनों से बचना
बुद्ध ने जीवन में दो अतियों से बचने की बात कही। उनका मार्ग नैतिक आचरण, ध्यान और प्रज्ञा पर आधारित था। मध्यम मार्ग ही आगे चलकर चार आर्य सत्य और अष्टांगिक मार्ग की शिक्षा से जुड़ता है।
Q6. जैन धर्म के पंच महाव्रतों में कौन सा सिद्धांत सबसे केंद्रीय माना जाता है?
A. यज्ञ
B. अहिंसा
C. विजय
D. मूर्ति पूजा
उत्तर: B. अहिंसा
जैन धर्म में अहिंसा को सर्वोच्च नैतिक सिद्धांत माना गया है। इसका अर्थ केवल शारीरिक हिंसा से बचना नहीं, बल्कि मन, वचन और कर्म से किसी जीव को हानि न पहुंचाना है। महावीर ने इसे आध्यात्मिक मुक्ति का आधार बनाया।
Q7. मौर्य प्रशासन की जानकारी के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्रोतों में कौन शामिल है?
A. अर्थशास्त्र और अशोक के अभिलेख
B. केवल संगम साहित्य
C. केवल विदेशी सिक्के
D. तुगलकनामा
उत्तर: A. अर्थशास्त्र और अशोक के अभिलेख
अर्थशास्त्र राज्य, कर, प्रशासन और अर्थव्यवस्था की जानकारी देता है। अशोक के अभिलेख उसकी धम्म नीति, प्रशासनिक दृष्टिकोण और प्रजा से संवाद को दिखाते हैं। मेगस्थनीज का इंडिका भी मौर्यकालीन समाज के अध्ययन में सहायक माना जाता है।
Q8. अशोक की धम्म नीति का मुख्य उद्देश्य क्या था?
A. केवल बौद्ध धर्म का अनिवार्य प्रचार
B. नैतिक आचरण और सामाजिक सद्भाव को बढ़ाना
C. साम्राज्य विस्तार
D. व्यापार पर पूर्ण रोक
उत्तर: B. नैतिक आचरण और सामाजिक सद्भाव को बढ़ाना
अशोक का धम्म किसी संकीर्ण धार्मिक मत का नाम नहीं था। इसमें माता-पिता का सम्मान, प्राणियों के प्रति दया, सहिष्णुता और नैतिक जीवन पर बल था। कलिंग युद्ध के बाद यह नीति उसके शासन का प्रमुख आधार बनी।
Q9. गुप्त काल को स्वर्ण युग कहने का प्रमुख आधार क्या है?
A. कला, साहित्य, विज्ञान और गणित का विकास
B. विदेशी शासन
C. समुद्री उपनिवेशवाद
D. केवल सैन्य विजय
उत्तर: A. कला, साहित्य, विज्ञान और गणित का विकास
गुप्त काल में कालिदास, आर्यभट्ट, मंदिर स्थापत्य और मूर्तिकला का उल्लेखनीय विकास हुआ। संस्कृत साहित्य और विज्ञान में महत्वपूर्ण योगदान मिले। हालांकि आधुनिक इतिहासकार स्वर्ण युग शब्द को सीमाओं के साथ देखते हैं, परीक्षा में यह मानक उत्तर है।
Q10. संगम साहित्य मुख्यतः किस क्षेत्र के इतिहास के लिए महत्वपूर्ण है?
A. तमिलकम
B. कश्मीर
C. पंजाब
D. मगध
उत्तर: A. तमिलकम
संगम साहित्य प्राचीन दक्षिण भारत, विशेषकर तमिलकम के समाज, अर्थव्यवस्था और राजनीति का स्रोत है। इसमें चेर, चोल और पांड्य राजाओं का उल्लेख मिलता है। यह उत्तर भारतीय वैदिक परंपरा से अलग क्षेत्रीय ऐतिहासिक विकास को समझने में मदद करता है।
Q11. भक्ति आंदोलन की एक महत्वपूर्ण विशेषता क्या थी?
A. केवल संस्कृत भाषा का प्रयोग
B. व्यक्तिगत भक्ति और सामाजिक समानता पर जोर
C. साम्राज्य विस्तार
D. यज्ञ को अनिवार्य बनाना
उत्तर: B. व्यक्तिगत भक्ति और सामाजिक समानता पर जोर
भक्ति आंदोलन ने ईश्वर के प्रति व्यक्तिगत प्रेम और समर्पण को महत्व दिया। कई संतों ने जाति, कर्मकांड और धार्मिक आडंबर की आलोचना की। क्षेत्रीय भाषाओं के प्रयोग से यह आंदोलन जनसामान्य तक पहुंचा।
Q12. सूफी सिलसिलों में चिश्ती सिलसिले की प्रमुख विशेषता क्या थी?
A. राज्य सत्ता से दूरी और जनसंपर्क
B. केवल सैन्य संगठन
C. समुद्री व्यापार
D. मूर्ति निर्माण
उत्तर: A. राज्य सत्ता से दूरी और जनसंपर्क
चिश्ती संतों ने प्रेम, सेवा, सहिष्णुता और गरीबों की सहायता पर जोर दिया। वे सामान्यतः शाही सत्ता से दूरी बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। अजमेर के ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती इस परंपरा के प्रमुख संत थे।
Q13. दिल्ली सल्तनत में इक्ता व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य क्या था?
A. सैनिकों और अधिकारियों को राजस्व अधिकार देकर प्रशासन चलाना
B. मुद्रा समाप्त करना
C. ग्राम स्वराज स्थापित करना
D. समुद्री व्यापार रोकना
उत्तर: A. सैनिकों और अधिकारियों को राजस्व अधिकार देकर प्रशासन चलाना
इक्ता व्यवस्था में अधिकारियों को किसी क्षेत्र से राजस्व वसूलने का अधिकार दिया जाता था। बदले में वे प्रशासन और सेना की जरूरतें पूरी करते थे। यह सल्तनत के केंद्रीकृत सैन्य-प्रशासनिक ढांचे का महत्वपूर्ण भाग थी।
Q14. अलाउद्दीन खिलजी के बाजार नियंत्रण का प्रमुख उद्देश्य क्या था?
A. बड़ी सेना को कम वेतन में बनाए रखना
B. विदेशी व्यापार समाप्त करना
C. सभी कर हटाना
D. केवल धार्मिक सुधार करना
उत्तर: A. बड़ी सेना को कम वेतन में बनाए रखना
अलाउद्दीन खिलजी ने विशाल स्थायी सेना रखी। कम वेतन पर सैनिकों का जीवन संभव बनाने के लिए अनाज, कपड़े और घोड़ों के दाम नियंत्रित किए गए। यह आर्थिक नीति उसके सैन्य और साम्राज्यवादी उद्देश्यों से जुड़ी थी।
Q15. विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी किस नदी के निकट स्थित थी?
A. तुंगभद्रा
B. गंगा
C. गोदावरी
D. सतलुज
उत्तर: A. तुंगभद्रा
विजयनगर की राजधानी हम्पी तुंगभद्रा नदी के निकट स्थित थी। यह नगर व्यापार, मंदिर स्थापत्य और सैन्य सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण था। कृष्णदेव राय के समय विजयनगर शक्ति अपने उत्कर्ष पर पहुंची।
Q16. मुगल प्रशासन में मनसबदारी व्यवस्था का क्या अर्थ था?
A. पद और सैन्य दायित्व पर आधारित श्रेणी व्यवस्था
B. ग्राम पंचायत चुनाव
C. समुद्री कर प्रणाली
D. केवल धार्मिक पद
उत्तर: A. पद और सैन्य दायित्व पर आधारित श्रेणी व्यवस्था
मनसबदारी अकबर द्वारा विकसित प्रशासनिक-सैन्य व्यवस्था थी। मनसबदारों को जात और सवार के आधार पर दर्जा मिलता था। इससे प्रशासन, वेतन, सैन्य सेवा और शाही नियंत्रण को व्यवस्थित किया गया।
Q17. अकबर की सुलह-ए-कुल नीति का मूल भाव क्या था?
A. सभी धर्मों के प्रति सहिष्णुता
B. केवल युद्ध नीति
C. व्यापार निषेध
D. एक भाषा का अनिवार्य प्रयोग
उत्तर: A. सभी धर्मों के प्रति सहिष्णुता
सुलह-ए-कुल का अर्थ सभी के साथ शांति है। अकबर ने धार्मिक सहिष्णुता, राजपूत सहयोग और व्यापक राजनीतिक एकीकरण पर जोर दिया। यह नीति मुगल राज्य को विविध समाज में स्थायित्व देने में सहायक रही।
Q18. शिवाजी के प्रशासन में अष्टप्रधान का क्या महत्व था?
A. आठ मंत्रियों की परिषद
B. आठ किलों का समूह
C. आठ करों की सूची
D. आठ सैन्य टुकड़ियां
उत्तर: A. आठ मंत्रियों की परिषद
शिवाजी ने प्रशासन को व्यवस्थित करने के लिए अष्टप्रधान परिषद बनाई। इसमें पेशवा, अमात्य, सचिव, सेनापति आदि पद शामिल थे। इससे मराठा राज्य में प्रशासनिक विभाजन और उत्तरदायित्व की व्यवस्था बनी।
Q19. 1757 के प्लासी युद्ध का सबसे बड़ा परिणाम क्या था?
A. कंपनी का बंगाल की राजनीति पर नियंत्रण बढ़ा
B. मुगल साम्राज्य मजबूत हुआ
C. मराठों का अंत हुआ
D. फ्रांसीसी सत्ता स्थापित हुई
उत्तर: A. कंपनी का बंगाल की राजनीति पर नियंत्रण बढ़ा
प्लासी युद्ध में ईस्ट इंडिया कंपनी ने सिराजुद्दौला को हराया। यह सैन्य विजय से अधिक राजनीतिक षड्यंत्र और बंगाल पर प्रभाव स्थापित करने की घटना थी। इससे कंपनी की आर्थिक और राजनीतिक शक्ति तेजी से बढ़ी।
Q20. 1765 की इलाहाबाद संधि का प्रमुख परिणाम क्या था?
A. कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी मिली
B. मुगल साम्राज्य पुनः शक्तिशाली हुआ
C. मराठों ने बंगाल जीता
D. फ्रांसीसियों को कर अधिकार मिला
उत्तर: A. कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी मिली
बक्सर युद्ध के बाद इलाहाबाद संधि हुई। मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय ने ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी दी। इससे कंपनी व्यापारी संस्था से राजस्व-संग्रह करने वाली राजनीतिक शक्ति बन गई।
Q21. स्थायी बंदोबस्त 1793 का संबंध किससे था?
A. भूमि राजस्व व्यवस्था
B. सेना भर्ती
C. शिक्षा नीति
D. प्रेस कानून
उत्तर: A. भूमि राजस्व व्यवस्था
स्थायी बंदोबस्त लॉर्ड कॉर्नवालिस से जुड़ा था। इसमें जमींदारों को भूमि का स्वामी जैसा दर्जा देकर निश्चित राजस्व तय किया गया। इससे किसानों पर दबाव बढ़ा और ग्रामीण समाज में जमींदारी प्रभुत्व मजबूत हुआ।
Q22. रैयतवाड़ी व्यवस्था में राजस्व किससे सीधे वसूला जाता था?
A. कृषक या रैयत से
B. केवल जमींदार से
C. केवल व्यापारी से
D. सैनिकों से
उत्तर: A. कृषक या रैयत से
रैयतवाड़ी व्यवस्था में सरकार का सीधा संबंध किसान से माना गया। यह व्यवस्था मुख्यतः मद्रास और बॉम्बे क्षेत्रों में लागू हुई। थॉमस मुनरो का नाम इसके विकास से विशेष रूप से जुड़ा है।
Q23. 1857 के विद्रोह का तत्कालिक कारण क्या था?
A. चर्बी लगे कारतूसों का विवाद
B. कांग्रेस की स्थापना
C. बंग-भंग
D. नमक कानून
उत्तर: A. चर्बी लगे कारतूसों का विवाद
1857 के विद्रोह के पीछे राजनीतिक, आर्थिक, सैन्य और धार्मिक कारण थे। तत्कालिक कारण एनफील्ड राइफल के कारतूसों में गाय और सूअर की चर्बी की आशंका थी। इससे भारतीय सैनिकों में व्यापक असंतोष भड़का।
Q24. 1858 के बाद भारत के शासन में क्या बड़ा परिवर्तन हुआ?
A. कंपनी शासन समाप्त होकर ब्रिटिश क्राउन का शासन शुरू हुआ
B. भारत स्वतंत्र हो गया
C. मुगल सत्ता पुनः स्थापित हुई
D. फ्रांसीसी शासन शुरू हुआ
उत्तर: A. कंपनी शासन समाप्त होकर ब्रिटिश क्राउन का शासन शुरू हुआ
1857 के विद्रोह के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त कर दिया गया। 1858 के भारत शासन अधिनियम के तहत भारत सीधे ब्रिटिश क्राउन के अधीन आया। गवर्नर जनरल को वायसराय का पद भी मिला।
Q25. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना कब हुई?
A. 1857
B. 1885
C. 1905
D. 1919
उत्तर: B. 1885
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 1885 में बंबई में हुई। ए. ओ. ह्यूम ने इसकी स्थापना में भूमिका निभाई और पहले अध्यक्ष डब्ल्यू. सी. बनर्जी थे। प्रारंभिक कांग्रेस ने संवैधानिक सुधारों और प्रशासन में भारतीय भागीदारी की मांग की।
Q26. प्रारंभिक राष्ट्रवादियों की प्रमुख पद्धति क्या थी?
A. प्रार्थना, याचिका और संवैधानिक आंदोलन
B. सशस्त्र क्रांति ही एकमात्र मार्ग
C. पूर्ण असहयोग
D. भूमिगत सेना
उत्तर: A. प्रार्थना, याचिका और संवैधानिक आंदोलन
दादाभाई नौरोजी, फिरोजशाह मेहता और सुरेंद्रनाथ बनर्जी जैसे नेताओं को उदारवादी कहा जाता है। वे ब्रिटिश शासन में सुधार और भारतीय प्रतिनिधित्व की मांग संवैधानिक तरीकों से करते थे। उनकी आर्थिक आलोचना ने आगे राष्ट्रवाद को वैचारिक आधार दिया।
Q27. दादाभाई नौरोजी की Drain Theory किससे संबंधित थी?
A. भारत से धन के बाहर जाने की प्रक्रिया
B. सिंचाई व्यवस्था
C. नदी घाटी योजना
D. नमक उत्पादन
उत्तर: A. भारत से धन के बाहर जाने की प्रक्रिया
दादाभाई नौरोजी ने बताया कि ब्रिटिश शासन भारत की संपत्ति को बाहर ले जा रहा था। वेतन, पेंशन, लाभ और व्यापारिक असंतुलन के माध्यम से यह धन-निकासी होती थी। उनकी पुस्तक Poverty and Un-British Rule in India इस विचार से जुड़ी है।
Q28. 1905 का बंगाल विभाजन किस वायसराय ने किया?
A. लॉर्ड कर्जन
B. लॉर्ड रिपन
C. लॉर्ड लिटन
D. लॉर्ड माउंटबेटन
उत्तर: A. लॉर्ड कर्जन
1905 में लॉर्ड कर्जन ने बंगाल का विभाजन किया। इसे प्रशासनिक सुधार बताया गया, लेकिन राष्ट्रवादियों ने इसे फूट डालो और राज करो की नीति माना। इसने स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन को जन्म दिया।
Q29. स्वदेशी आंदोलन की मुख्य रणनीति क्या थी?
A. विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार और स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग
B. केवल चुनाव लड़ना
C. करों में वृद्धि
D. सेना में भर्ती
उत्तर: A. विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार और स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग
स्वदेशी आंदोलन बंगाल विभाजन के विरोध में शुरू हुआ। इसमें विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार, स्वदेशी उद्योगों का समर्थन और राष्ट्रीय शिक्षा पर जोर था। इसने राष्ट्रीय आंदोलन को जन-आधार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Q30. 1907 का सूरत विभाजन किससे संबंधित था?
A. कांग्रेस में उदारवादी और उग्रवादी मतभेद
B. मुस्लिम लीग की स्थापना
C. गांधी का भारत आगमन
D. रॉलेट एक्ट
उत्तर: A. कांग्रेस में उदारवादी और उग्रवादी मतभेद
सूरत अधिवेशन में कांग्रेस के उदारवादी और उग्रवादी नेताओं के बीच मतभेद खुलकर सामने आए। उग्रवादी अधिक सक्रिय आंदोलन चाहते थे, जबकि उदारवादी संवैधानिक मार्ग पर जोर दे रहे थे। इससे कांग्रेस अस्थायी रूप से विभाजित हो गई।
Q31. मुस्लिम लीग की स्थापना कब हुई?
A. 1885
B. 1906
C. 1916
D. 1920
उत्तर: B. 1906
ऑल इंडिया मुस्लिम लीग की स्थापना 1906 में ढाका में हुई। प्रारंभ में इसका उद्देश्य मुस्लिम अभिजात वर्ग के हितों की रक्षा और ब्रिटिश सरकार से राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्राप्त करना था। आगे चलकर यह अलग मुस्लिम राजनीति का प्रमुख मंच बनी।
Q32. गांधीजी का भारत में पहला सफल सत्याग्रह कौन सा माना जाता है?
A. चंपारण सत्याग्रह
B. खेड़ा सत्याग्रह
C. अहमदाबाद मिल हड़ताल
D. दांडी यात्रा
उत्तर: A. चंपारण सत्याग्रह
1917 का चंपारण सत्याग्रह गांधीजी का भारत में पहला बड़ा सफल सत्याग्रह माना जाता है। यह नील की जबरन खेती और किसानों के शोषण के विरुद्ध था। इसने गांधी को भारतीय जनराजनीति में प्रमुख नेता के रूप में स्थापित किया।
Q33. रॉलेट एक्ट 1919 का विरोध क्यों हुआ?
A. बिना मुकदमे गिरफ्तारी और दमनकारी अधिकारों के कारण
B. करों की पूर्ण समाप्ति के कारण
C. भारतीयों को पूर्ण स्वतंत्रता देने के कारण
D. प्रेस को अधिक स्वतंत्रता देने के कारण
उत्तर: A. बिना मुकदमे गिरफ्तारी और दमनकारी अधिकारों के कारण
रॉलेट एक्ट ने सरकार को बिना मुकदमे गिरफ्तारी और बंदी बनाने जैसे कठोर अधिकार दिए। भारतीयों ने इसे नागरिक स्वतंत्रता पर हमला माना। इसके विरोध ने देशव्यापी असंतोष पैदा किया और जलियांवाला बाग की पृष्ठभूमि बनी।
Q34. जलियांवाला बाग हत्याकांड कब हुआ?
A. 13 अप्रैल 1919
B. 5 फरवरी 1922
C. 12 मार्च 1930
D. 8 अगस्त 1942
उत्तर: A. 13 अप्रैल 1919
जलियांवाला बाग हत्याकांड अमृतसर में बैसाखी के दिन हुआ। जनरल डायर ने निहत्थी भीड़ पर गोली चलाने का आदेश दिया। इस घटना ने ब्रिटिश शासन के नैतिक दावे को गंभीर रूप से कमजोर किया और राष्ट्रीय आंदोलन को तीव्र किया।
Q35. असहयोग आंदोलन किस पृष्ठभूमि में शुरू हुआ?
A. रॉलेट एक्ट, जलियांवाला बाग और खिलाफत प्रश्न
B. केवल नमक कर
C. साइमन कमीशन
D. कैबिनेट मिशन
उत्तर: A. रॉलेट एक्ट, जलियांवाला बाग और खिलाफत प्रश्न
1920 में असहयोग आंदोलन गांधीजी के नेतृत्व में शुरू हुआ। रॉलेट एक्ट, जलियांवाला बाग हत्याकांड और खिलाफत प्रश्न ने जनता में गहरा असंतोष पैदा किया। आंदोलन में विदेशी वस्त्र, स्कूल, अदालत और उपाधियों के बहिष्कार पर जोर दिया गया।
Q36. असहयोग आंदोलन वापस लेने का तत्कालिक कारण क्या था?
A. चौरी-चौरा की हिंसक घटना
B. दांडी यात्रा
C. साइमन कमीशन
D. भारत छोड़ो आंदोलन
उत्तर: A. चौरी-चौरा की हिंसक घटना
फरवरी 1922 में चौरी-चौरा में भीड़ ने पुलिस थाने को आग लगा दी और पुलिसकर्मी मारे गए। गांधीजी अहिंसा को आंदोलन का अनिवार्य आधार मानते थे। इसलिए उन्होंने असहयोग आंदोलन वापस ले लिया।
Q37. स्वराज पार्टी की स्थापना किसने की?
A. मोतीलाल नेहरू और चित्तरंजन दास
B. गांधी और पटेल
C. तिलक और गोखले
D. सुभाष बोस और भगत सिंह
उत्तर: A. मोतीलाल नेहरू और चित्तरंजन दास
असहयोग आंदोलन की वापसी के बाद कांग्रेस में परिषदों में प्रवेश को लेकर मतभेद हुए। मोतीलाल नेहरू और सी. आर. दास ने 1923 में स्वराज पार्टी बनाई। इसका उद्देश्य विधान परिषदों में जाकर ब्रिटिश शासन को भीतर से बाधित करना था।
Q38. साइमन कमीशन का भारतीयों ने विरोध क्यों किया?
A. इसमें कोई भारतीय सदस्य नहीं था
B. इसने पूर्ण स्वतंत्रता दे दी थी
C. यह केवल शिक्षा आयोग था
D. इसमें केवल किसान प्रतिनिधि थे
उत्तर: A. इसमें कोई भारतीय सदस्य नहीं था
साइमन कमीशन 1927 में संवैधानिक सुधारों की समीक्षा के लिए नियुक्त हुआ। इसमें कोई भारतीय सदस्य नहीं था, इसलिए पूरे देश में इसका विरोध हुआ। Simon Go Back राष्ट्रीय आंदोलन का प्रसिद्ध नारा बना।
Q39. लाहौर अधिवेशन 1929 का ऐतिहासिक महत्व क्या था?
A. पूर्ण स्वराज का लक्ष्य स्वीकार किया गया
B. कांग्रेस की स्थापना हुई
C. मुस्लिम लीग बनी
D. असहयोग आंदोलन वापस हुआ
उत्तर: A. पूर्ण स्वराज का लक्ष्य स्वीकार किया गया
1929 के लाहौर अधिवेशन में जवाहरलाल नेहरू अध्यक्ष थे। इसी अधिवेशन में पूर्ण स्वराज को कांग्रेस का लक्ष्य घोषित किया गया। 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रता दिवस मनाने का निर्णय भी इसी पृष्ठभूमि में हुआ।
Q40. सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत किस घटना से मानी जाती है?
A. दांडी यात्रा
B. चंपारण सत्याग्रह
C. भारत छोड़ो आंदोलन
D. जलियांवाला बाग
उत्तर: A. दांडी यात्रा
गांधीजी ने 12 मार्च 1930 को साबरमती से दांडी तक यात्रा शुरू की। 6 अप्रैल 1930 को नमक कानून तोड़कर सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत हुई। नमक जैसा सामान्य मुद्दा जनता को व्यापक रूप से जोड़ने में सफल रहा।
Q41. गांधी-इरविन समझौता किस वर्ष हुआ?
A. 1920
B. 1931
C. 1935
D. 1942
उत्तर: B. 1931
गांधी-इरविन समझौता 1931 में हुआ। इसके बाद गांधीजी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन स्थगित किया और दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने पर सहमति दी। यह औपनिवेशिक सरकार और कांग्रेस के बीच महत्वपूर्ण राजनीतिक समझौता था।
Q42. पूना पैक्ट 1932 किनके बीच हुआ?
A. गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर
B. गांधी और जिन्ना
C. नेहरू और पटेल
D. बोस और ब्रिटिश सरकार
उत्तर: A. गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर
पूना पैक्ट 1932 में गांधीजी और डॉ. अंबेडकर के बीच हुआ। यह दलित वर्गों के पृथक निर्वाचक मंडल के प्रश्न से जुड़ा था। समझौते में पृथक निर्वाचक मंडल के स्थान पर आरक्षित सीटों की व्यवस्था स्वीकार की गई।
Q43. भारत सरकार अधिनियम 1935 की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता क्या थी?
A. प्रांतीय स्वायत्तता
B. पूर्ण स्वतंत्रता
C. प्रेस पर पूर्ण प्रतिबंध
D. कंपनी शासन की स्थापना
उत्तर: A. प्रांतीय स्वायत्तता
1935 के अधिनियम ने प्रांतीय स्वायत्तता की व्यवस्था दी। इसके आधार पर 1937 में प्रांतीय चुनाव हुए और कई प्रांतों में कांग्रेस मंत्रिमंडल बने। संघीय योजना पूरी तरह लागू नहीं हो सकी, लेकिन यह अधिनियम संविधान निर्माण की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण था।
Q44. सुभाष चंद्र बोस ने फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना कब की?
A. 1939
B. 1929
C. 1942
D. 1946
उत्तर: A. 1939
सुभाष चंद्र बोस ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद 1939 में फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना की। उनका उद्देश्य अधिक उग्र और समाजवादी दिशा में राष्ट्रीय संघर्ष को आगे बढ़ाना था। बाद में उन्होंने आजाद हिंद फौज से स्वतंत्रता संघर्ष को नया आयाम दिया।
Q45. पाकिस्तान प्रस्ताव किस अधिवेशन में पारित हुआ?
A. मुस्लिम लीग का लाहौर अधिवेशन, 1940
B. कांग्रेस का लाहौर अधिवेशन, 1929
C. सूरत अधिवेशन, 1907
D. कराची अधिवेशन, 1931
उत्तर: A. मुस्लिम लीग का लाहौर अधिवेशन, 1940
1940 में मुस्लिम लीग के लाहौर अधिवेशन में अलग मुस्लिम राज्य की मांग से जुड़ा प्रस्ताव पारित हुआ। इसे बाद में पाकिस्तान प्रस्ताव कहा गया। यह भारतीय राजनीति में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और विभाजन की दिशा में महत्वपूर्ण मोड़ था।
Q46. क्रिप्स मिशन भारत कब आया?
A. 1942
B. 1930
C. 1946
D. 1919
उत्तर: A. 1942
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 1942 में क्रिप्स मिशन भारत आया। इसका उद्देश्य भारतीय सहयोग प्राप्त करना और युद्ध के बाद संवैधानिक प्रस्ताव देना था। प्रस्ताव अस्पष्ट और अपूर्ण माने गए, इसलिए कांग्रेस और लीग दोनों ने इसे स्वीकार नहीं किया।
Q47. भारत छोड़ो आंदोलन कब शुरू हुआ?
A. 8 अगस्त 1942
B. 26 जनवरी 1930
C. 13 अप्रैल 1919
D. 15 अगस्त 1947
उत्तर: A. 8 अगस्त 1942
भारत छोड़ो आंदोलन 8 अगस्त 1942 को बंबई में कांग्रेस के प्रस्ताव के बाद शुरू हुआ। गांधीजी ने करो या मरो का नारा दिया। ब्रिटिश सरकार ने तुरंत प्रमुख नेताओं को गिरफ्तार किया, फिर भी आंदोलन जनस्तर पर फैल गया।
Q48. आजाद हिंद फौज का नेतृत्व किसने किया?
A. सुभाष चंद्र बोस
B. बाल गंगाधर तिलक
C. गोपाल कृष्ण गोखले
D. दादाभाई नौरोजी
उत्तर: A. सुभाष चंद्र बोस
आजाद हिंद फौज को सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में नया संगठन और ऊर्जा मिली। उन्होंने आजाद हिंद सरकार की स्थापना की और दिल्ली चलो का नारा दिया। INA ने भारतीय सैनिकों और जनता में ब्रिटिश सत्ता के प्रति निष्ठा को चुनौती दी।
Q49. कैबिनेट मिशन योजना 1946 का मुख्य उद्देश्य क्या था?
A. भारत के संवैधानिक भविष्य पर समाधान प्रस्तुत करना
B. नमक कानून बनाना
C. बंगाल विभाजन करना
D. स्थायी बंदोबस्त लागू करना
उत्तर: A. भारत के संवैधानिक भविष्य पर समाधान प्रस्तुत करना
कैबिनेट मिशन 1946 में ब्रिटिश सरकार ने भारत भेजा। इसका उद्देश्य सत्ता हस्तांतरण, संविधान सभा और संघीय ढांचे पर समाधान निकालना था। इस योजना ने संविधान सभा के गठन की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Q50. संविधान सभा की पहली बैठक कब हुई?
A. 9 दिसंबर 1946
B. 26 जनवरी 1950
C. 15 अगस्त 1947
D. 3 जून 1947
उत्तर: A. 9 दिसंबर 1946
भारतीय संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई। प्रारंभिक अध्यक्ष डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा थे। बाद में डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्थायी अध्यक्ष चुने गए।
Q51. माउंटबेटन योजना किससे संबंधित थी?
A. भारत के विभाजन और सत्ता हस्तांतरण से
B. रैयतवाड़ी व्यवस्था से
C. स्वदेशी आंदोलन से
D. साइमन कमीशन से
उत्तर: A. भारत के विभाजन और सत्ता हस्तांतरण से
3 जून 1947 की माउंटबेटन योजना ने भारत के विभाजन और सत्ता हस्तांतरण की रूपरेखा दी। इसी आधार पर भारत स्वतंत्रता अधिनियम 1947 पारित हुआ। इसके बाद भारत और पाकिस्तान दो स्वतंत्र डोमिनियन बने।
Q52. भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की व्यापक सफलता का सबसे उपयुक्त कारण क्या था?
A. जनभागीदारी, वैचारिक विविधता और औपनिवेशिक शासन की वैधता को चुनौती
B. केवल एक नेता का प्रयास
C. केवल विदेशी सहायता
D. केवल सैन्य विजय
उत्तर: A. जनभागीदारी, वैचारिक विविधता और औपनिवेशिक शासन की वैधता को चुनौती
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की शक्ति उसके व्यापक सामाजिक आधार में थी। उदारवादी, उग्रवादी, गांधीवादी, क्रांतिकारी, किसान, मजदूर, महिलाएं और विद्यार्थी अलग-अलग रूपों में जुड़े। इस आंदोलन ने ब्रिटिश शासन की नैतिक, आर्थिक और राजनीतिक वैधता को लगातार चुनौती दी।

S K Kushwaha (ARO 2019 Batch)

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